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दिनांक -12 मई 2026 को सरस्वती विद्या मंदिर सिनीडीह में प्राथमिक खंड कक्षा तृतीय से पंचम तक के अभिभावकों की गोष्ठी आयोजित हुई। कार्यक्रम का शुभारंभ गिरिडीह सांसद प्रतिनिधि सह विद्यालय अभिभावक रामाशंकर तिवारी, शिक्षक सह अभिभावक गोवर्धन महतो, समिति सदस्य उत्तम गयाली एवं विद्यालय के प्राचार्य रामाकान्त राणा के कर कमलों से दीप प्रज्वलन के साथ हुआ।

मंच संचालन प्राथमिक खंड की शैक्षणिक प्रमुख सुतपा विश्वास ने किया। अतिथि परिचय आचार्य अजय पाण्डेय द्वारा कराया गया। कार्यक्रम की प्रस्तावना प्रस्तुत करते हुए आचार्य महेन्द्र पाण्डेय ने कहा कि विद्या भारती की योजना के अनुसार अभिभावक- शिक्षक की गोष्ठी बच्चों के सर्वांगीण विकास हेतु योजक कड़ी है। आचार्य रामाकांत मिश्रा ने कहा कि बाल केन्द्रित शिक्षा की ओर सभी आचार्य -दीदीजी अग्रसर हैं।इस गोष्ठी में तकरीबन 58 अभिभावक बंधु-भगिनी सम्मिलित हुए।

कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे सांसद प्रतिनिधि रामाशंकर तिवारी ने कहा कि यह विद्यालय इस क्षेत्र का एक प्रतिष्ठित विद्यालय है। यहां की शैक्षिक व्यवस्था और अनुशासन का परिणाम है -बेहतर परीक्षा परिणाम एवं युवा वैज्ञानिक के रूप में इसरो द्वारा चयनित बच्चे। अभिभावक गोवर्धन महतो ने कहा कि शिक्षा के साथ -साथ सांस्कृतिक और सामाजिक मूल्यों पर आधारित शिक्षा इस विद्यालय की विशिष्ट पहचान है। उपस्थित अभिभावकों ने भी बच्चों के सर्वांगीण हेतु अपना बहुमूल्य सुझाव दिया।

समिति सदस्य उत्तम गयाली ने कहा कि अभिभावक अपने बच्चों पर स्वयं नियमित ध्यान दें। प्राचार्य रामाकान्त राणा ने अपने संबोधन में कहा कि अभिभावक बंधु-भगिनी का विद्यालय हित में जो भी सकारात्मक सुझाव आया है,उस पर खरा उतरना हमारी नैतिक जिम्मेदारी होगी।एन ई पी-2020, झारखंड सरकार और विद्या भारती की योजना के अनुसार शैक्षिक व्यवस्था लागू कराना हमारा पूर्ण दायित्व है।

भैया -बहनों के सर्वांगीण विकास तभी संभव है जब अभिभावक एवं शिक्षक का सम्मिलित प्रयास हो। शिक्षा, संस्कार और अनुशासन हमारी प्राथमिकता है। कार्यक्रम को सफल बनाने में आचार्या उषा साव के साथ -साथ अन्य आचार्य -दीदीजी की महत्वपूर्ण योगदान रहा।

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