दिनांक 1 मई 2026, को सरस्वती विद्या मंदिर, सिनीडीह में महात्मा बुद्ध जयंती बड़े ही उत्साह और गरिमामय वातावरण में मनाई गई।
कार्यक्रम का शुभारंभ प्रधानाचार्य रामाकान्त राणा, प्रभारी आचार्य अशोक कुमार सिंह एवं आचार्य प्रमोद कुमार सिंह के द्वारा दीप प्रज्वलन और गौतम बुद्ध के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर किया गया।
मंच संचालन बहन रिशिका तिवारी ने किया। इस अवसर पर भैया अभिनव कुमार ने अंग्रेजी में तथा बहन नुपुर रानी और जेम्स ब्योम ने हिंदी में प्रभावशाली भाषण प्रस्तुत किया।
कार्यक्रम की प्रस्तावना आचार्या विनीता कुमारी जी ने रखा। उन्होंने कहा कि महात्मा बुद्ध के जीवन से हमें सत्य, अहिंसा और करुणा का संदेश ग्रहण करना चाहिए।
सांस्कृतिक कार्यक्रमों के अंतर्गत अवनी लाला एवं उनके समूह द्वारा मधुर गीत प्रस्तुत किया गया। इसके साथ ही प्रतीक, रवानी, कमल कुमार, महावीर दिगर कौटिल्य मिश्रा एवं सुप्रिया तिवारी ने अंगुलिमाल डाकू के जीवन पर आधारित एक लघु नाटिका प्रस्तुत कर दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया।
कार्यक्रम के अंत में प्राचार्य श्री रामाकांत राणा जी ने अपने आशीर्वचन में कहा कि जयंती मनाना केवल औपचारिकता नहीं, अपितु उन महापुरूषों के आदर्शों को अपने जीवन में धारण करना है। महात्मा बुद्ध का जीवन आदर्शों से भरा हुआ है।
उनके उपदेशों को अपनाकर हमें समाज में शांति और सद्भाव स्थापित करना चाहिए। कार्यक्रम को सफल बनाने में आचार्या सुलेखा जी, कुमारी नमिता जी, आचार्य श्री राणा प्रताप जी के साथ -साथ अन्य आचार्य -दीदीजी का महत्वपूर्ण योगदान रहा।