आज के बच्चे देश के भावी नेता- विधायक शत्रुघ्न महतो बाघमारा विधायक ने दिलाई सरस्वती विद्या मंदिर सिनीडीह के बाल प्रधानमंत्री एवं सांसदों को पद एवं गोपनीयता की शपथ दिनांक 16 मई 2026 को सरस्वती विद्या मंदिर सिनीडीह में कन्या भारती एवं बाल भारती के प्रधानमंत्री एवं सांसदों का भव्य शपथ ग्रहण समारोह आयोजन किया गया।
मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित थे बाघमारा विधानसभा के माननीय विधायक श्री शत्रुघ्न महतो। सर्वप्रथम माननीय विधायक शत्रुघ्न महतो, प्रधानाचार्य रामाकांत राणा एवं प्रबंधकारिणी समिति के सदस्य उत्तम गयाली के द्वारा दीप प्रज्वलन किया गया।
प्रस्तावना प्रस्तुत करते हुए आचार्य अनूप पांडेय ने कहा कि विद्या भारती के तत्वाधान में विद्यालय में सांसदों का चुनाव एवं प्रधानमंत्री के लिए वोटिंग कराई गई थी जिसमें कन्या भारती की ओर से चाहत खान एवं बाल भारती की ओर से प्रशांत गयाली रिकॉर्ड मतों से विजयी हुए थे जिन्हें आज पद एवं गोपनीयता की शपथ बाघमारा विधायक के समक्ष दिलाई गई। ये विद्यालयी व्यवस्था में मंत्रिमंडल का गठन कर विद्यालय के अनुशासन, स्वच्छता आदि तमाम व्यवस्थाओं में अपनी भूमिका निभाएंगे।
अपने उद्बोधन के क्रम में प्रबंधकारिणी समिति के सदस्य उत्तम गयाली ने कहा कि ऐसी व्यवस्था विद्या भारती के विद्यालयों में दृष्टिगोचर होती है यही कारण है कि भैया बहन सफलता के मार्ग में जल्द ही प्रशस्त हो जाते हैं । आशीर्वचन प्रस्तुत करते हुए प्रधानाचार्य रामाकांत राणा ने कहा विद्यालय में चुनाव की प्रक्रिया को दुहराने का आशय है भैया बहनों में नागरिकता का बोध कराना ताकि अपने समय में वे सफल नागरिक होकर मतदान में अपना सहयोग प्रदान करें एवं सही जनसेवक को चुन समाज के विकास में अपना योगदान दे सके।
मुख्य अतिथि माननीय विधायक जी ने विजेता प्रधानमंत्री प्रशांत गयाली एवं चाहत खान सह सांसदों को बधाई देते हुए कहा कि आज के बच्चे आने वाले समय के नेता, डॉक्टर , इंजीनियर, शिक्षक होने के साथ-साथ नागरिक भी हैं । नागरिकता का एवं चुनावी प्रक्रिया का पाठ विद्यालय में सीखने से इनमें नेतृत्व की क्षमता का विकास होगा जो समाज को नई ऊर्जा प्रदान करेगा। मंच संचालन आचार्य धर्मेंद्र तिवारी ने किया। धन्यवाद ज्ञापित आचार्या कुमारी नमिता ने किया ।
अंत में अजय पांडे द्वारा शांति मंत्र के साथ कार्यक्रम समाप्त हुआ। कार्यक्रम को सफल बनाने में आचार्य प्रमोद कुमार, सुधीर कुमार, अशोक कुमार सिंह, जितेंद्र कुमार दुबे ,पीयूष बेरा, अरविंद कुमार,राहुल कुमार राय, ललन सिंह, महेन्द्र पाण्डेय,विकास गुप्ता, एवं आचार्या विनीता कुमारी, प्रियंका बागची, सुलेखा कुमारी, उषा साव के साथ सभी आचार्य दीदी जी एवं कर्मचारियों का योगदान रहा है।










