दिनांक 22 मई 2026 को सरस्वती विद्या मंदिर सिनीडीह के प्रांगण में अहिल्याबाई होलकर जयंती मनाई गई। सर्वप्रथम प्रधानाचार्य रामाकांत राणा, आचार्य अशोक कुमार सिंह एवं आचार्या कुमारी नमिता के कर कमलों द्वारा अहिल्याबाई होलकर के चित्र के समक्ष दीप प्रज्वलन एवं पुष्पार्चन किया गया । इस अवसर पर बहन समृद्धि ने अंग्रेजी में तथा बहन पूर्णिमा मिश्रा ने हिंदी में भाषण प्रस्तुत किया ।
सुप्रिया तिवारी एवं नूपुर रानी ने अहिल्याबाई होल्कर पर आधारित गीत प्रस्तुत कर सभी का मन मोहने का कार्य किया। प्रस्तावना प्रस्तुत करते हुए आचार्या प्रियंका बागची ने कहा नारी के रूप में अहिल्याबाई होलकर साक्षात् देवी थी जिन्होंने भारत के उत्थान में अपना बहुमूल्य योगदान दिया।भारत में सनातन धर्म की रक्षा के लिए उन्होंने बहुत सारे मंदिरों का निर्माण एवं जीर्णोद्धार कराया।
आज उनकी जयंती मनाते हुए अगर हम उनके आदर्शों को अपनाते है ,तो हम अपने आपको कृतज्ञ समझेंगे। बहन खुशी रवानी, डोली, गरिश्मा, खुशी कुमारी, माही ने अहिल्याबाई होलकर के जीवन पर आधारित लघु नाटिका प्रस्तुत किया।
मुख्य अतिथि अभिभाविका इंदु देवी ने कहा कि अहिल्याबाई होलकर समाज के लिए न्यायप्रिय रही थीं। आशीर्वचन प्रस्तुत करते हुए प्रधानाचार्य श्री राणा जी ने कहा कि अहिल्याबाई होलकर देश की संस्कृति के संरक्षण के लिए अपना सर्वस्व अर्पित करने में कभी भी पीछे नहीं रही। मंच संचालन आचार्या शीतल कुमारी एवं नेहा तिवारी ने किया।
अंत में आचार्या सुलेखा कुमारी ने धन्यवाद ज्ञापित किया। कार्यक्रम को सफल बनाने में प्रमोद कुमार, पियूष बेरा, जितेंद्र कुमार दुबे, विनीता कुमारी ,अनूप पांडेय, अजय पांडेय, धर्मेन्द्र तिवारी के साथ सभी आचार्य -दीदीजी की महत्वपूर्ण भूमिका रही।





