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सरस्वती विद्या मंदिर सिनीडीह में मनाई गई संत रैदास जयंती सत् सनातन परंपरा के कर्मनिष्ठ वाहक थे संत रैदास -श्री विधानचंद्र झा दिनांक -31 जनवरी 2026 को सरस्वती विद्या मंदिर सिनीडीह में संत रैदास जयंती का शुभारंभ प्रभारी श्री अशोक कुमार सिंह आचार्य श्री विधानचंद्र झा एवं श्री गौतम मुखर्जी के कर कमलों से दीप प्रज्वलन के साथ हुआ।

कार्यक्रम की प्रस्तावना प्रस्तुत करते हुए आचार्या श्रीमती कुमारी नमिता ने कहा कि संत रैदास एक कर्तव्यनिष्ठ संत थे।उनकी ईश्वर के प्रति सच्ची निष्ठा थी। इस अवसर पर भैया अनमोल ने हिंदी में तथा ओंकारनाथ ने अंग्रेजी में संत रैदास के जीवन पर प्रकाश डाला।बहन मिष्टि ने मधुर गीत प्रस्तुत किया।

भैया प्रेम, कुणाल,पवन, दीप, प्रियांशु,ऋषभ, विष्णु, दिलीप और बहन दीपा द्वारा प्रस्तुत लघु नाटिका ने दर्शकों को भावविभोर कर दिया। भैया आर्यन, यशराज, अंशुमान एवं बहन कृतिका, वर्षा,गरिश्मा, डोली, प्रीति , खुशी,माही द्वारा जरा देर ठहरो राम की भावपूर्ण गीत एवं नृत्य ने दर्शकों को द्रवीभूत कर दिया।

आचार्य श्री विधानचंद्र झा ने अपने संबोधन में कहा कि संत रैदास सत् सनातन परंपरा के कर्मनिष्ठ वाहक थे। इनके द्वारा एक भजन भी प्रस्तुत किया गया। प्रभारी श्री अशोक कुमार सिंह ने धन्यवाद ज्ञापन किया।मंच संचालन बहन ज्योति प्रिया एवं भैया तनय, गौरव के द्वारा किया गया।

कार्यक्रम को सफल बनाने में आचार्य श्री सुधीर कुमार दास, प्रवीण कुमार दास, राणा प्रताप सिंह एवं आचार्या सुश्री नमिता कुमारी के साथ -साथ सभी आचार्य -दीदीजी की सक्रिय भागीदारी रही।

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