दिनांक 10 जुलाई 2025 को सरस्वती विद्या मंदिर सिनीडीह के प्रांगण में महर्षि वेदव्यास जयंती सह गुरु पूर्णिमा महोत्सव मनाया गया। कार्यक्रम की शुरुआत में मुख्य अतिथि सेवानिवृत्त शिक्षक श्री संपत दुबे ,प्रधानाचार्य श्री राकेश सिन्हा आचार्य श्री अजय पांडे एवं कार्यक्रम प्रमुख आचार्य श्री पंकज कुमार गुप्ता ने दीप प्रज्वलन किया। कार्यक्रम की प्रस्तावना आचार्य श्री जितेंद्र दुबे (भूगोल ) ने रखा। गीत के माध्यम से सुप्रिया, नूपुर, ओंकार नाथ तिवारी, सौरभ ,अमृत गिरी ,आर्यन कुमार, अंशुमन कुमार पांडे, रघुवीर सिंह एवं अनंत गिरि ने गुरु के प्रति अपनी भक्ति दर्शाए जबकि रहनुमा परवीन एवं ज्योति प्रिया ने इस अवसर पर हिंदी में कविता प्रस्तुत किया ।



बरखा रानी, सगुन झा, साक्षी लाला, शौर्य कुमार, रौनक मिश्रा , ने अंग्रेजी में अपने विचार रखें जबकि खुशी कुमारी, मिष्टी कुमारी, जेम्स वियोम, अनुरव कुमार, शिवम कुमार ने हिंदी भाषण के माध्यम से अपनी बात रखी। भैया आदित्य कुमार चतुर्थ ब ने अंग्रेजी में कविता प्रस्तुत किया । अतिथि परिचय आचार्या श्रीमती अनीता जी ने करवाया जबकि धन्यवाद ज्ञापन आचार्य श्री अशोक कुमार सिंह जी का रहा। मंच संचालन आचार्य श्री अजय पांडे के द्वारा किया गया। अपने उद्बोधन में मुख्य अतिथि श्री संपत दुबे ने कहा कि गुरु की महिमा अपरंपार है, बच्चों को ईश्वर रूपी गुरु के आदर्शों पर चलना चाहिए जब बच्चे गुरु की बातों को अक्षरशः पालन करेगें तभी वे अपने जीवन में महान बन सकेगें। अपने उदबोधन में प्रधानाचार्य ने कहा कि भैया बहनों को हमेशा गुरु के आदर्शों पर चलना चाहिए क्योंकि गुरु हमेशा उन्हीं के भलाई के लिए कहते हैं । सांस्कृतिक कार्यक्रम को सफल बनाने में आचार्य श्री जितेंद्र दुबे संगीत एवं आचार्या डॉक्टर निशा तिवारी का विशेष योगदान रहा। इस अवसर पर सभी आचार्य एवं दीदी उपस्थित थे।