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सरस्वती विद्या मंदिर सिनीडीह में अखिल भारतीय संस्कृति ज्ञान महा अभियान का भव्य शुभारंभ भारत की संस्कृति मानव को महामानव और देवतुल्य बनाती है -मनोहर लाल

दिनांक -13 अगस्त 2026 को सरस्वती विद्या मंदिर सिनीडीह में अखिल भारतीय संस्कृति ज्ञान महा अभियान का शुभारंभ मुख्य अतिथि मनोहर लाल महतो प्रोफेसर डिग्री कालेज महुदा, प्रधानाचार्य रामाकान्त राणा एवं संस्कृति ज्ञान के विद्यालय प्रमुख आचार्य जितेन्द्र दूबे के कर कमलों से दीप प्रज्वलन के साथ हुआ।

अतिथि परिचय आचार्य अनूप पाण्डेय ने कराया ‌। साथ ही कार्यक्रम की प्रस्तावना प्रस्तुत करते हुए कहा कि विद्या भारती संपूर्ण भारत में सांस्कृतिक विरासत को संस्कृति ज्ञान महा अभियान के द्वारा प्रसारित करने का महान कार्य करती है। मुख्य अतिथि मनोहर लाल ने अपने संबोधन में कहा कि भारत की महान सत सनातन संस्कृति मानव को महामानव और देवतुल्य बनाती है।

सांस्कृतिक मूल्यों के संरक्षण के लिए पांच ‘ग’ -गीता, गंगा, गायत्री,गौ और गुरु के प्रति आदर के भाव को उदाहरण देकर समझाया। जन्मदिन पर केक काटने और मोमबत्ती जलाने को बढ़ावा न देने की बात को समझाते हुए कहा कि इसके स्थान पर मिट्टी के दीप जलाकर अपने क्रियाकलापों का मूल्यांकन करें और जीवन में बेहतर करने का संकल्प लें।

संस्कृति ज्ञान के इस अभियान में स्वयं के साथ -साथ औरों को भी जागृत करें। प्रधानाचार्य रामाकान्त राणा ने अपने वक्तव्य में कहा कि भारत की महानतम संस्कृति को जानने का यह महत्वपूर्ण अवसर है। इस अभियान को सफल बनाने के लिए समाज के लोगों के बीच भी जाना है। कार्यक्रम को सफल बनाने में सभी आचार्य -दीदीजी का महत्वपूर्ण योगदान रहा।

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