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दिनांक -18 अप्रैल 2026 को सरस्वती विद्या मंदिर सिनीडीह में फाउंडेशनल स्टेज कक्षा -अरुण से द्वितीय तक के अभिभावकों की गोष्ठी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि सह अभिभावक स्नेहा तिवारी एवं प्रभारी अनूप पाण्डेय के कर कमलों से दीप प्रज्वलन के साथ हुआ। अतिथि परिचय एवं मंच संचालन फाउंडेशनल स्टेज के प्रमुख पंकज गुप्ता द्वारा किया गया।

कार्यक्रम की प्रस्तावना प्रस्तुत करते हुए आचार्य अजय पाण्डेय ने कहा कि एनईपी -2020 के अनुरूप शैक्षिक वातावरण का निर्माण करना एवं भैया -बहनों का सर्वांगीण विकास करना हम सभी का लक्ष्य है। शिशु वाटिका की शिक्षा पूर्णतः क्रियाधारित होनी चाहिए।इसकी जानकारी शिक्षक के साथ -साथ अभिभावक को भी होनी चाहिए।

6 वर्ष तक की आयुवर्ग में बच्चों का मानसिक विकास 85-90 प्रतिशत हो जाता है। इस अवधि में शिक्षक और अभिभावक का दायित्व बच्चों के प्रति काफी बढ़ जाता है। इस निमित्त अभिभावक बंधु-भगिनी का सकारात्मक सुझाव अपेक्षित है। इस गोष्ठी में तकरीबन 72 अभिभावक बंधु-भगिनी उपस्थित हुए।

अभिभावकों ने अपना विचार साझा करते हुए कहा कि विद्यालय द्वारा इस प्रकार की गोष्ठी का आयोजन अभिभावक को भी सीखने का सुअवसर प्रदान करता है। निश्चित रूप से शिक्षक और अभिभावक के सम्मिलित प्रयास से ही बच्चों का सर्वांगीण विकास संभव है। आचार्या अनिता कुमारी ने सुवर्ण प्राशन औषधि की विशेषता के बारे विस्तार से जानकारी दी।

आचार्य अनूप पाण्डेय ने संबोधित करते हुए कहा कि अभिभावक बंधु-भगिनी का सकारात्मक सुझाव विद्यालय हित में श्रेयस्कर सिद्ध होगा।आपकी शिकायत को भी शत प्रतिशत दूर करने का भरपूर प्रयास किया जाएगा।आप अपना सुझाव बीच -बीच में साझा करते रहें,ऐसी अपेक्षा है।

अध्यक्षीय उद्बोधन में स्नेहा तिवारी ने कहा कि अभिभावक और शिक्षक के बीच संवाद के आदान-प्रदान से किसी भी समस्या का समाधान संभव है। विद्यालय द्वारा इस प्रकार के कार्यक्रम का आयोजन अत्यंत प्रशंसनीय है। कार्यक्रम को सफल बनाने में नमिता दीदीजी, शीतल दीदीजी एवं अन्य आचार्य -दीदीजी का भरपूर सहयोग रहा।

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