सरस्वती विद्या मंदिर सिनीडीह में चैत्र शुक्ल प्रतिपदा हिंदू नव वर्ष के उपलक्ष में निकाला गया भव्य झांकी एवं प्रभात फेरी
दिनांक 19 मार्च 2026 को सरस्वती विद्या मंदिर सिनीडीह में चैत्र शुक्ल प्रतिपदा हिंदू नव वर्ष बहुत ही धूमधाम के साथ मनाया गया। इस अवसर पर विद्यालय के द्वारा डुमरा बस्ती में झांकी एवं घोष दल के साथ प्रभात फेरी निकाली गई।
इस अवसर पर डुमरा के मुखिया आनंद कुमार महतो उर्फ ‘जीवन’ एवं उनके साथी सिंटू साव, रमेश कुमार, अजय, प्रेम, विक्की, राजू ,अभिषेक, मनोज, रवि, इंदर के द्वारा विद्यालय के भैया बहनों के लिए शरबत ,बिस्कुट एवं पुष्प वर्षा आदि की व्यवस्था की गई।
मौके पर चिटाही धाम स्थित रामराज मंदिर का भी दर्शन कराया गया। वंदना सभा में दीप प्रज्वलन के साथ एक कार्यक्रम आयोजित हुआ।कार्यक्रम की प्रस्तावना प्रस्तुत करते हुए आचार्य अनूप पाण्डेय ने कहा कि उज्जैन के राजा विक्रमादित्य कुशल शासक के साथ -साथ भारतीय सनातन संस्कृति के वाहक थे। उन्होंने ही विक्रम संवत् का शुभारंभ किया।
अपने उद्बोधन के क्रम में प्रधानाचार्य श्री रामाकांत राणा ने कहा कि हिंदू संस्कृति में नववर्ष का बहुत ही विशेष महत्व है। भारत की गौरवपूर्ण संस्कृति की पहचान हमारा नववर्ष है।
वहीं अपने अध्यक्षीय उद्बोधन के क्रम में प्रबंधकारिणी समिति के सदस्य उत्तम गयाली ने कहा कि हमें नव वर्ष बहुत ही धूमधाम के साथ मनाना चाहिए एवं एक दूसरे के लिए मंगल कामना करना चाहिए । इस अवसर पर विद्यालय के सभी आचार्य एवं दीदी जी उपस्थित थे।






