दिनांक 11 फरवरी 2026 को सरस्वती विद्या मंदिर सिनीडीह के प्रांगण में आचार्य श्री विधान चंद्र झा, आचार्य श्री गौतम मुखर्जी एवं आचार्या डॉक्टर निशा तिवारी के सेवावकाश के अवसर पर स्नेह मिलन कार्यक्रम मनाया गया।
कार्यक्रम का शुभारंभ अतिथि त्रय, विशिष्ट अतिथि पूर्व प्राचार्य श्री मदन मोहन मिश्रा, प्रबंधकारिणी समिति के सदस्य श्री उत्तम गयाली, समाजसेवी श्री रितेश कुमार एवं विद्यालय के प्राचार्य श्री रामाकान्त राणा के कर कमलों से दीप प्रज्वलन के साथ हुआ।
कार्यक्रम की प्रस्तावना को प्रस्तुत करते हुए आचार्या श्रीमती प्रियंका बागची ने कहा कि सेवानिवृति तो एक औपचारिकता है,वस्तुत: यह एक अनुकरणीय क्षण होता है, जिसमें कई तरह की यादें छिपी होती हैं।
अतिथि परिचय आचार्य श्री अजय कुमार पाण्डेय ने कराया। प्रशस्ति पत्र का वाचन सुलेखा दीदीजी, विनिता दीदीजी एवं सुतपा दीदीजी ने किया। अनुभव कथन आचार्य श्री अनूप पाण्डेय एवं नमिता दीदीजी ने प्रस्तुत किया। भावपूर्ण गीत की प्रस्तुति संगीताचार्य जितेन्द्र दूवे एवं पियूष बेरा ने किया।
अपने सेवाकाल में बिताए मधुर क्षण को साझा करते हुए आचार्य श्री विधानचंद्र झा ने कहा कि मैंने जो अनुभव विद्यालय से प्राप्त किया वह मेरे लिए यादगार रहेगा। आचार्या निशा तिवारी ने कहा कि विद्यालय मेरे लिए कार्यस्थली ही नहीं अपितु सीखने का पाठशाला भी रहा। विद्यालय से मिले अनुभव को मैं कभी भूल नहीं सकती।
आचार्य श्री गौतम मुखर्जी ने कहा कि स्थापना काल से इस विद्यालय में आचार्य रहा। मैं विद्यालय को मंदिर के रूप में माना एवं पुजारी के रूप में सेवा किया। विद्यालय की मधुर यादें मेरे लिए प्रेरणाप्रद रहेगा।
अपने उद्बोधन के क्रम में पूर्व प्रधानाचार्य श्री मदन मोहन मिश्रा जी ने कहा कि ये तीनों आचार्य दीदी जी विद्यालय के शुरुआती दौर से मजबूत स्तंभ की तरह खड़े रहे हैं वहीं उत्तम गयाली जी ने कहा कि विद्यालय के भैया बहन के हृदय में ये तीनो आचार्य एवं दीदी जी हमेशा बने रहेंगे।
अपने संबोधन के क्रम में प्राचार्य श्री रामाकान्त राणा ने कहा कि विद्यालय से अनुभवी आचार्य -दीदीजी का जाना एक अपूरणीय क्षति है।आपलोगों का मार्गदर्शन विद्यालय को मिलता रहे, ऐसी कामना है। आपका शेष जीवन यशस्वी बना रहे,ऐसी विद्यालय परिवार की शुभकामनाएं। इस अवसर पर विद्यालय के सभी आचार्य -दीदीजी उपस्थित थे।

