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सरस्वती विद्या मंदिर सिनीडीह में सप्तशक्ति संगम का भव्य आयोजन पुरुषार्थ की जन्मदात्री हैं माता -डॉक्टर पूजा

दिनांक 14 नवंबर 2025 को सरस्वती विद्या मंदिर सिनीडीह के प्रांगण में सप्तशक्ति संगम का भव्य आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम विद्या भारती अखिल भारतीय शिक्षा संस्थान द्वारा आयोजित था।

कार्यक्रम की शुरुआत मुख्य अतिथि क्षेत्रीय संयोजिका डॉक्टर पूजा, प्रांतीय संयोजिका रंजना जी, प्रांतीय सह संयोजिका किरण जी, प्रधानाचार्या गीता मिश्रा एवं कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रही प्रमुख श्रीमती इंदु देवी के कर कमलों से दीप प्रज्वलन के साथ हुआ।

कार्यक्रम की प्रस्तावना को प्रस्तुत करते हुए रंजना जी ने कहा कि सप्तशती संगम का उद्देश्य भारतीय नारियों को आत्मिक शक्ति बोध कराने से है। सप्त शक्ति के रूप में श्री, वाक्, स्मृति, मेधा, धृति, क्षमा और कीर्ति जानी जातीं हैं। हमारे देश का पौराणिक इतिहास रहा है जब-जब भी आतताइयों का प्रादुर्भाव हुआ है शक्ति का अवतार होकर उनका संहार हुआ है।

अपने उद्बोधन का क्रम में डॉक्टर पूजा जी ने कहा कि पुरुषार्थ की जन्मदात्री माताएं होती हैं। जब माताएं सजग रहेंगी तभी भैया बहनों की शिक्षा पूर्ण हो सकेगी और उनमें संस्कार समावेश हो सकेगा। बच्चों के विकास में माता की अग्रणी भूमिका होती है।

भारत की आदर्श कुटुंब व्यवस्था माता पर ही निर्भर है। माताओं को कुटुंब व्यवस्था की प्रेरणा भगवान शिव के परिवार से लेनी चाहिए। पाश्चात्य संस्कृति का अनुकरण न कर अपनी गौरवपूर्ण सनातन संस्कृति को जीवंत बनाए रखना चाहिए।

प्रांतीय संयोजिका किरण राय जी ने कहा कि माता का स्वरूप नारी को संपूर्णता प्रदान कराता है। भारत के सांस्कृतिक विकास में उनका महत्वपूर्ण योगदान होता है।

अपने उद्बोधन के क्रम में इंदु जी ने कहा कि सप्तशती संगम का यह कार्यक्रम महिला सशक्तिकरण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। साथ ही पारिवारिक व्यवस्था को सशक्त बनाकर राष्ट्र के निर्माण में सहायक सिद्ध होगा।

इस अवसर पर माताओं के बीच प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता आयोजित की गई एवं उनको पुरस्कृत भी किया गया। इस अवसर पर संयुक्त परिवार में अग्रणी भूमिका निभाने वाली 97 वर्ष की माता श्रीमती अरुणा देव्या को सम्मानित किया गया। साथ ही साथ जनजातीय समुदाय में सामाजिक कार्यकर्ता के रूप में महारानी देवी को भी सम्मानित किया गया।

इस अवसर पर विद्यालय में क्षेत्र के 522 महिलाओं का समागम हुआ एवं धनबाद विभाग के 44 विद्यालयों से 44 प्रधानाचार्य एवं 44 दीदी जी की भी उपस्थिति रही। इस अवसर पर लाजवाब भोजन की भी व्यवस्था की गई थी। सबों ने विद्यालयी व्यवस्था की भूरि भूरि प्रशंसा की।

अतिथि परिचय आचार्या डॉक्टर निशा तिवारी ने किया। मंच संचालन आचार्या प्रियंका बागची के द्वारा किया गया। आभार ज्ञापन कार्यक्रम की प्रमुख आचार्या अनिता कुमारी के द्वारा किया गय

कार्यक्रम को सफल बनाने में कार्यक्रम के उप प्रमुख उषा साव के साथ सुलेखा कुमारी, बिनीता कुमारी, नमिता कुमारी (हिंदी), सुतपा विश्वास, सुश्री नमिता कुमारी, शीटल कुमारी, नेहा कुमारी के साथ सभी दीदी जी का विशेष योगदान रहा I

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