दीपावली एवं छठ पूजा के शुभ अवसर पर बीसीसीएल गोविंदपुर एरिया 3 द्वारा विद्यालय के प्रांगण में कई प्रतियोगिताएं कराई गई।
सर्वप्रथम छठ महापर्व पर आधारित लघु नाटिका का प्रदर्शन किया गया जिसमें प्रधानाचार्य श्री राकेश सिन्हा, अभिभावक प्रतिनिधि श्री सौरभ सुमन , अभिभावक श्री अजय कुमार तिवारी एवं पूर्व छात्र श्री पवन शास्त्री के द्वारा दीप प्रज्वलन किया गया।
इस लघु नाटिका के माध्यम से भारत की संस्कृति को जीवंत करता हुआ छठ महापर्व की विशाल झांकी प्रस्तुत की गई साथ ही साथ भैया बहनों के बीच रंगोली की प्रतियोगिता भी आयोजित की गई।
रंगोली प्रतियोगिता को पूर्ण कराने में बालिका प्रमुख डॉक्टर निशा तिवारी, आचार्या विनीता दीदी जी ,प्रियंका दीदी जी , सुलेखा दीदी जी,सुतपा विश्वास दीदी जी, आरती दीदी जी, नमिता दीदी जी ( हिन्दी) का विशेष योगदान रहा।
इसी अवसर पर क्षेत्रीय संस्कृति महोत्सव के अंतर्गत मूर्ति कला के प्रदर्शन जो की शीला अग्रवाल सरस्वती शिशु विद्या मंदिर लोहरदगा में आयोजित था जिसमें बिहार और झारखंड के अनेक विद्यालयों से प्रतिभागी पहुंचे थे और उस प्रतियोगिता में प्रथम स्थान प्राप्त करने वाले भैया आर्यन को मंच से सम्मानित किया गया।
अंत में आचार्य राणा प्रताप सिंह (एनजीओ बीइंग एंड काइंड के संस्थापक) के द्वारा खान सुरक्षा एवं कोयले के भ्रष्टाचार पर आधारित एक लघु नाटिका प्रस्तुत की गई ।
इस कार्यक्रम में बीसीसीएल एरिया 3 के महाप्रबंधक श्री किशोर कुमार सिंह, अपर महाप्रबंधक श्री जयंत जायसवाल ,क्षेत्रीय प्रबंधक (प्रशासन) श्री अंकित श्रीवास्तव एवं विद्यालय के प्रबंधकारिणी समिति के सदस्य श्री उत्तम गयाली की भी गरिमामई उपस्थिति रही ।
अपने उद्बोधन में महाप्रबंधक महोदय ने कहा कि यह नाटिका कोलफील्ड में फैले भ्रष्टाचार को उजागर करता है। हमें इससे सीख लेना चाहिए एवं भ्रष्टाचार को रोकने का यथासंभव प्रयास करना चाहिए।
प्रधानाचार्य श्री राकेश सिन्हा ने कहा कि बीसीसीएल से संबंंद्धता होने के कारण बीसीसीएल कई तरह के प्रतियोगिताओं का आयोजन करवाती रहती है इसी माह निबंध लेखन,भाषण एवं वाद- विवाद प्रतियोगिता भी बीसीसीएल के अधिकारियों के देखरेख में करवाया गया था और अंत में रंगोली एवं नाटक का विमोचन भी करवाया गया।
कार्यक्रम को सफल बनाने में आचार्य श्री पीयूष बेरा, श्री पंकज गुप्ता, श्री जितेंद्र कुमार दुबे (भूगोल) , श्री धर्मेन्द्र तिवारी,श्री सुधीर कुमार, श्री अनूप कुमार पांडे, श्री अशोक कुमार सिंह ,श्री सुमित उपाध्याय, सहित सभी आचार्य एवं दीदी का विशेष सहयोग रहा।













