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भारत की महानतम संस्कृति की रक्षा हमारा परम धर्म-मनोहर महतो सरस्वती विद्या मंदिर सिनीडीह में दिनांक 16 जुलाई 2025 को विद्या भारती अखिल भारतीय शिक्षा संस्थान की ओर से आयोजित संस्कृति बोध परियोजना के तहत “संस्कृति ज्ञान ,महा अभियान” पखवारा का उद्घाटन किया गया।

इस कार्यक्रम की शुरुआत में मुख्य अतिथि श्री मनोहर लाल ,प्रधानाचार्य श्री राकेश सिन्हा , प्रबंधकारिणी समिति सदस्य श्री उत्तम गयाली एवं आचार्य श्री धर्मेंद्र तिवारी ने दीप प्रज्वलन किया ।

अतिथि परिचय आचार्य श्री अनूप पांडे जी ने किया जबकि प्रस्तावना जितेंद्र कुमार दुबे (भूगोल) ने रखा अपने उद्बोधन में श्री मनोहर जी ने कहा कि भारत एक विशाल देश है जब हम अपनी संस्कृति से जुड़े रहेंगे तभी हमारी शिक्षा सार्थक होगी।भारत की महानतम संस्कृति की रक्षा हमारा परम धर्म है।उन्होंने आज के मोमबत्ती बुझाकर जन्मदिवस मनाये जाने पर कटाक्ष करते हुए कहा कि हमें जन्मदिवस पर आत्ममंथन करना चाहिए , हमने वर्ष भर में क्या खोया, क्या पाया।

ज्ञान के प्रतीक दीपक को जलाना चाहिए ना कि बुझाना। आज हम अपने सोलह संस्कारों को भूलते जा रहे हैं,यह दु:खद स्थिति है। विद्या भारती द्वारा आयोजित यह अभियान अत्यंत प्रशंसनीय है।

प्रधानाचार्य श्री राकेश सिन्हा ने कहा कि हम विद्या भारती के कार्यकर्ता भारतीय संस्कृति के वाहक हैं।समाज के अधिक से अधिक लोगों को संस्कृति ज्ञान परीक्षा में शामिल कराना हमारा लक्ष्य है।

इस अवसर पर संस्कृति ज्ञान परीक्षा में गत वर्ष सम्मिलित कराने वाले आचार्य श्री विधानचंद्र झा, धर्मेन्द्र तिवारी एवं दीदीजी श्रीमती उषा साव, श्रीमती निशा तिवारी, श्रीमती प्रियंका बागची को भी सम्मानित किया गया।

आचार्य श्री अजय पाण्डेय ने धन्यवाद ज्ञापन किया। मंच संचालन नमिता दीदी जी ने किया। इस अवसर पर सभी आचार्य -दीदीजी एवं भैया -बहन उपस्थित थे।

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